Directors' Message

D P Goyal

प्रोफ़ेसर डी.पी.गोयल

निदेशक

भाप्रबंसं शिलाँग, 7वां भाप्रबंसं, ने वर्ष 2008 में अपना शैक्षणिक सत्र आरंभ किया, यह अपनी मूल्‍य आधारित प्रबंधन शिक्षा के व्‍यवहार में दृढ़ विश्‍वास से, पारंपरिक प्रबंधन में निहित मजबूत मूल्‍यों को आधुनिक प्रबंधन प्रथा के साथ मिलाकर कॉर्पोरेट अग्रणियों और उद्यमियों के निर्माण में कार्यरत है। भाप्रबंसं शिलाँग मेघालय राज्‍य में मेघों के आलय के बीच शांत हरी पहाड़‍ियों की गोद में बसा है और सर्वोत्‍तम वैश्विक मानकों की गंभीर शैक्षणिक क्रियाकलापों के लिए सही वातावरण प्रदान करता है ।

भाप्रबंसंशि. भारतीय प्रकृति में वैश्विक दृष्टिकोण के साथ अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रशंसित प्रबंधन संस्‍थान बनने के लिए प्रतिबद्ध है इस दृष्टिकोण को प्राप्‍त करने के लिए, हमने शैक्षणिक उत्‍कृष्‍टता, प्रभावोन्‍मुख अनुसंधान, परामर्श कार्य और कार्यकारी शिक्षा के वैश्विक मानकों पर अपना लक्ष्‍य साधा है । भाप्रबंसंशि. में, लगातार बदलते और गतिशील वैश्विक कारोबारी माहौल की चुनौतियों के प्रति हमारी दृष्टिकोण सक्रिय हैं, और अभिनव शैक्षणिक कार्यक्रमों, पाठचर्या और शैक्षणिक नवाचारों के माध्‍यम से खुद को तलाशते हैं । हमारे पास वरिष्‍ठ अग्रणी के पदों पर काम कर रहे कई छात्रों का एक बड़ा पूर्व छात्र नेटवर्क है । हमारे छात्रों और संकायों को पार सांस्‍कृतिक अभिज्ञता प्रदान करने के लिए, भाप्रबंसंशि प्रबंधन संस्‍थानों के साथ अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठा रहा है ।

हम सतत् विकास और व्‍यावसायिक प्रथाओं के निरंतर बढ़ते महत्‍व पर भी जोर देते हैं और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए, भाप्रबंसंशि स्थिरता (SUSCON) पर एक वार्षिक अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन आयोजित करता है, जो विश्‍व भर से बड़ी संख्‍या में शोधकर्ताओं और चिकित्‍सकों को आकर्षित करता है । पूरे उत्‍तर पूर्वी क्षेत्र और मेघालय राज्‍य की हमें सौंपे गए दायित्‍व के साथ, भाप्रबंसंशि ने संस्‍थान की स्‍थापना के बाद से ही पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास केंद्र (CeDNER) की स्‍थापना की है, जिसके तहत् युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों सहित विभिन्‍न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है । इन कार्यक्रमों से क्षेत्र के युवाओं को अपना उद्यम स्‍थापित करने या रोजगार के अवसर प्राप्‍त करने में सहायता मिली है । डॉ. एपीजे अब्‍दुल कलाम को एक अतिथि संकाय के रूप में प्राप्‍त करने के लिए भी भाप्रबंसंशि बहुत भाग्‍यशाली रहा है, जिन्‍होंने कई वर्षों से 2015 में अपने आखिरी सांस तक हमारे छात्रों को प्रेरणा देते रहे । महान प्रेरणादायक प्रतीक के सम्‍मान में, भाप्रबंसंशि ने अपने परिसर में उत्‍तर पूर्व के विकास, विशेष रूप से पर्यटन, बीपीओ, रसद, 3एच मिशन-हैंडलूम, हस्‍तशिल्‍प और बाग़वानी को बढ़ावा देने पर केंद्रित, डॉ. एपीजे अब्‍दुल कलाम नीति अनुसंधान एवं विश्‍लेषण केंद्र की स्‍थापना की है ।

संकाय, कर्मचारियों, छात्रों, शासी मंडल और अन्‍य सभी हितधारकों के समर्थन से, हम आगे भाप्रबंसंशि की मजबूत नींव के निर्माण और अधिक ऊँचाइयों को प्राप्‍त करने में प्रयासरत हैं । मैं, भाप्रबंसंशि के परिवार की ओर से, आपको अपने परिसर में और इस परिवर्तनकारी यात्रा का हिस्‍सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूँ ।

डी पी गोयल