संकाय

अच्यंत कुमार शर्मा

सहायक प्रोफेसर

शुद्ध गणित में स्नातक तथा असम के जोरहाट इंजीनियरिंग कॉलेज से एमसीए किया; प्रोफेसर शर्मा के शिक्षण और शोध की रुचि वर्कफलों, एफसीए, टेम्परल एलजेबरा एंड इंफॉरमेशन सिस्टम आदि विषयों पर रही है। उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रकाशनों के लिए श्रेय दिया गया है।

अमिताभ डे

निदेशक

कलकत्ता विश्वविद्यालय, कोलकाता, भारत, से पीएच.डी. की प्रोफेसर डे के शिक्षण और शोध की रुचि एर्गोनॉमिक्स, ह्यूमन फेक्टर इंजीनियरिंग, एक्जक्यूटिव एंड वर्क स्ट्रेस ह्यूमन फेक्टर इन टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एंड वर्क सिस्टम डिजाइन में है।

अनुराग दुग्गर

सहायक प्रोफेसर

अनुराग राजस्थान विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक हैं; साथ ही उन्होंने एमबीए (मार्केटिंग), एम कॉम (बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) और पीजीडीएम (मार्केटिंग) भी की है। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से पीएचडी किया है। अनुराग ने 15 से अधिक वर्षों के अपने अनुभव को समृद्ध किया है। अकादमी में शामिल होने से पहले उन्होंने उद्योग में काम किया है। भाप्रबंसं शिलाँग में शामिल होने से पहले, अनुराग ने सिम्बयोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट पुणे में विपणन के क्षेत्र में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम कर रहा था।

अरिंदम मुखोपाध्याय

सहायक प्रोफेसर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से क्रमशः 2009 और 2015 में अरिंदम मुखोपाध्याय ने अपना स्नातक और पीएचडी पूरा किया। उनके अनुसंधान क्षेत्र में इन्वेंटरी मॉडलिंग और सप्लाई चेन प्रबंधन शामिल हैं। उन्होंने भारत और विदेशों में आयोजित विभिन्न सम्मेलनों में अपने शोध कार्य का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने रेफ्रिड पत्रिकाओं और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही में प्रकाशन भी किया है।

बासव रॉयचौधरी

सह – प्राध्यापक

बासव रॉयचौधरी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बारह वर्षों तक स्नातक और स्नातकोत्तर स्तरों के उच्च शिक्षा क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान करने के पश्चात भाप्रबंसं शिलाँग में कार्यरत हुए। अपना वर्तमान कार्यभार संभालने से पहले वे सेंट एंथोनी कॉलेज, शिलाँग के प्रमुख और साथ ही कंप्यूटर विज्ञान विभाग के निदेशक भी रहे चुके हैं।

बिद्युत गोगोई

सलाहकार

प्रबंधन में पीएचडी, प्रोफेसर बिद्युत ज्योति गोगोई के शिक्षण और शोध की रुचि में विपणन प्रबंधन, खुदरा प्रबंधन, व्यापारिक अनुसंधान के तरीके, विपणन अनुसंधान और उपभोक्ता व्यवहार आदि के क्षेत्र सम्मिलित है। प्रोफेसर बिद्युत ज्योति गोगोई ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं के लिए कई शोध पत्रों में भी योगदान दिया है।

देबाशीश मिश्रा

सहायक प्रोफेसर

डॉ0 देबाशीश मिश्रा ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), खड़गपुर, भारत के औद्योगिक और सिस्टम इंजीनियरिंग विभाग से अपनी डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के साथ 12 वर्षों के सहयोग के बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में ही अपना करियर अपनाया। उनके शोध में रणनीतिक आउटसोर्सिंग, सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट प्रबंधन और सिस्टम डायनामिक्स अध्ययन जैसे विषय शामिल हैं।

हर्षवर्धन सामलिया

सहायक प्रोफेसर

डॉ0 हर्षवर्धन सामलिया ने एबीवी-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फोर्मेशन टैक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, ग्वालियर से रणनीतिक प्रबंधन और बौद्धिक संपदा अधिकारों के क्षेत्र में अपने डॉक्टरेट का कार्य किया है। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फोर्मेशन टैक्नोलॉजी और मैनेजमेंट, ग्वालियर से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में अपना मास्टर पूरा किया ।

केया सेनगुप्ता

प्रोफ़ेसर

केया सेनगुप्ता अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। वह भाप्रबंसं शिलाँग में अनुसंधान की पूर्व डीन और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास केंद्र (सेडनर) की प्रमुख रह चुकी है। उन्होंने संस्थान में प्रबंधन (एफपीएम) में फैलोशिप प्रोग्राम आरंभ किया है और कार्यक्रम की पहली अध्यक्ष भी रही। प्रोफेसर सेनगुप्ता के पास विस्तृत अकादमिक और प्रशासनिक अनुभव भी है तथा वह कुछ सालों तक भाप्रबंसं शिलाँग में प्रभारी निदेशक (एमएचआरडी, नई दिल्ली द्वारा नियुक्त) के पद पर भी कार्यरत रही।

मौसूमी भट्टाचार्य

सहायक प्रोफेसर

मौसूमी भट्टाचार्य ने बिजनेस फाइनेंस में स्नातकोत्तर की डिग्री, एम. फिल. और पीएचडी कलकत्ता विश्वविद्यालय से की है। वह एम. फिल एवं स्नातकोत्तर दोनों में रैंक धारक रही थी। उनके पास आईसीपीएस विद्यालय द्वारा प्राप्त बिजनेस फाइनेंस डिप्लोमा भी है। उनके पास कुल 13 वर्षों का कार्य अनुभव है, जिसमें से 11 वर्ष का शैक्षणिक और 2 वर्ष लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड का कॉर्पोरेट अनुभव उल्लेखनीय है।

नलिनीप्रभा त्रिपाठी

प्रोफ़ेसर

प्रो नलिनीप्रभा त्रिपाठी, भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलाँग में वित्त विषय की प्रोफेसर हैं। भाप्रबंसं शिलाँग में शामिल होने से पहले, वह भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर में वित्त विषय के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थी। उन्हें प्रबंधन में एम.कॉम, एम.फिल, पीएचडी और डी. लीट डिग्री भी प्राप्त हैं। वह प्रबंधन और यूजीसी फैलोशिप में अनुसंधान पुरस्कार प्राप्तकर्ता हैं वह 2015 के दौरान अमरीका की यात्रा करने के लिए फुलब्राइट स्कॉलर है। उन्हें 2016 में इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन द्वारा वाणिज्य और व्यवसाय प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए एमएमएसएमए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

नेटली वेस्ट खार्कोंगोर

सह – प्राध्यापक

डॉ0 नेटली ने अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने यूजीसी, उत्तर पूर्वी क्षेत्र द्वारा प्रायोजित दो शोध परियोजनाओं को पूर्ण किया है। शिक्षण, अनुसंधान और परामर्श डाटा के रूप में उन्हें 23 वर्षों का अनुभव है। डॉ0 नेटली को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं ।

नीलम रानी

सहायक प्रोफेसर

डॉ0 नीलम रानी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली से मैनेजमेंट स्टडीज विभाग से डॉक्टरेट हैं। उन्हें रटगर्स बिज़नेस स्कूल, यूएसए से पीएचडी के दौरान फुलब्राइट डॉक्टरेट और प्रोफेशनल फेलोशिप मिली, जबकि डॉ0 रानी गणित - मास्टर ऑफ बिज़नस एडमिनिस्ट्रेशन (फाइनेंस) में स्नातक हैं। इसके अलावा, डॉ रानी ने एमए (इकोनॉमिक्स), एमफिल (इकोनॉमिक्स) और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र से मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन भी किया है।

प्रदीप एच सदरंगनी

सह – प्राध्यापक

प्रोफेसर प्रदीप एच सदरंगनी ने विपणन क्षेत्र में पहले मई 2003 से जून 2010 तक भाप्रबंसं बैंगलोर में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम किया था। उन्होंने विपणन के क्षेत्र में बहुमूल्य अनुभव अर्जित किए हैं। उन्होंने मिशिगन विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर पूर्ण किया।

रोहित द्विवेदी

सह – प्राध्यापक

रोहित द्विवेदी मनोविज्ञान (संगठनात्मक व्यवहार और परिवर्तन) में डी.फिल. हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वाणिज्य में अपनी स्नातक (बी.कॉम) पूरी करने के बाद उन्होंने मनोविज्ञान में एम.साई. मानव संसाधन विकास (मानव संसाधन विकास और प्रबंधन में परास्नातक डिग्री) पूर्ण की। शिक्षण, शोध एवं परामर्शदाता के रूप में उन्हें 14 वर्षों का अनुभव है।

रोहित जोशी

सहायक प्रोफेसर

रोहित जोशी (संचालन और आपूर्ति श्रृंखला) विषय के सहायक प्रोफेसर है। उन्होंने यूसीएलए, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से अपना पोस्ट डॉक्टरेल रिचर्स का काम किया है। उन्होंने "सिलेक्ट इशु ऑफ एग्री सप्लाई चैन मैनेजमेंट ऑफ पेरिशेबल इन इंडिया" विषय पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से पी.एच.डी. प्राप्त की थी।

संजीव काकोटी

सह – प्राध्यापक

संजीव काकोटी जन्म एवं शिक्षा शिलाँग में हुआ। इतिहास में स्नातकोत्तर के बाद, उन्होंने उत्तर-पूर्वी हिल विश्वविद्यालय से प्रौद्योगिकी के इतिहास में पीएचडी प्राप्त की और भाप्रबंसं अहमदाबाद के प्रबंधन 3 टीपी कार्यक्रम को पूरा किया। एक शिक्षक, लेखक और एक वृत्तचित्र फिल्म निर्माता, मध्यकालीन असम में साइंस, टैक्नोलॉजी और सोशल फॉर्मेशन के लिए उनकी नवीनतम पुस्तक कैंब्रिज प्रकाशन द्वारा 2012 में प्रकाशित हुई थी।

संजीता जयपुरिया

सहायक प्रोफेसर

संजीता जयपुरिया ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर से औद्योगिक इंजीनियरिंग और प्रबंधन में एम.टेक पूरा किया। उसने अपना पीएचडी पूरा कर लिया। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के व्यापक क्षेत्र में एनआईटी राउरकेला से अपनी पीएचडी पूरी की। वर्तमान भाप्रबंसं अहमदाबाद में एफडीपी 2016 के प्रतिभागी के रूप में अपना लक्ष्य ग्रहण कर रहा है। उनके शिक्षण रुचि में संचालन प्रबंधन, वितरण और रसद प्रबंधन, प्रोक्योर्मेंट और सोर्सिंग रणनीति, समय श्रृंखला की भविष्यवाणी शामिल है ।

सानजन मुखर्जी

सह – प्राध्यापक

जादवपुर विश्वविद्यालय, कलकत्ता में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक, उन्होंने भाप्रबंसं कोलकाता से स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्रबंधन (पीजीडीएम) और जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता से पीएचडी प्राप्त की। उनके पास 7 साल का औद्योगिक अनुभव है। अभी तक प्रोफेसर मुखर्जी (48) भाप्रबंसं कलकत्ता में अनुसंधान, शिक्षण और परामर्श में व्यस्त थे।

संतोष कु. पुरुस्थी

सहायक प्रोफेसर

डॉ. संतोष कु पुरुस्थी, पीएच.डी. संचालन प्रबंधन और मात्रात्मक तकनीकों के क्षेत्र में सहायक प्रोफेसर हैं। उनके शोध क्षेत्र में सिस्टम डायनामिक्स, रणनीति मॉडलिंग और राजस्व प्रबंधन शामिल हैं। उन्होंने सिस्टम डायनेमिक्स के क्षेत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से पीएचडी की है।

पी. सरवनन

सह – प्राध्यापक

डॉ. पी. सरवनन ने वाणिज्य में डॉक्टरेट किया है। उनके मूलभूत क्षेत्रों में कॉर्पोरेट वित्त और वित्तीय नियोजन सम्मिलित है। उन्होंने गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, गोवा तथा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद के साथ काम किया है। उन्होंने एक्सएलआरआई, जमशेदपुर और आईएमटी, नागपुर में एक विज़िटिंग फैकल्टी के रूप में भी पढ़ाया।

शंकर पुर्बे

सहायक प्रोफेसर

डॉ. शंकर पुर्बे वर्तमान में ऑपरेशन मैनेजमेंट के क्षेत्र में सहायक प्रोफेसर हैं। उन्होंने इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स, धनबाद से पीएचडी प्राप्त की तथा एनआईटी जमशेदपुर से प्रोडक्शन इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में अपनी स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उनके पास औद्योगिक, शिक्षण और अनुसंधान अनुभव के 7 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है।

शरदनाथ भट्टाचार्य

सहायक प्रोफेसर

डॉ. शरदनाथ भट्टाचार्य वित्त और लेखा के क्षेत्र से जुड़े हुए है। उनके पास परामर्शदाता, शोध और शिक्षण के क्षेत्र में स्नातकोत्तर स्तर पर 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, आईएमटी (गाजियाबाद), बिज़नस मैनेजमेंट विभाग: कलकत्ता विश्वविद्यालय, वाणिज्य विभाग सहित विभिन्न संस्थानों में अकादमिक पदों की व्यवस्था की है।

सोनिया नोंगमाइथेम

सहायक प्रोफेसर

डॉ. सोनिया नोंगमाइथेम, वर्तमान में व्यवहार विज्ञान क्षेत्र में सहायक प्रोफेसर हैं। इससे पहले, उन्होंने प्रबंधन समूह में बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और साइंस, पिलानी, राजस्थान में पढ़ाया था। उन्होंने संगठनात्मक व्यवहार के क्षेत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी से पीएचडी प्राप्त की। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से मनोविज्ञान में परास्नातक पूरा किया।

तापस कुमार गिरि

सह – प्राध्यापक

डॉ. तापस कुमार गिरि ने पर्यावरण विषय में एम.एससी., प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में एमफिल और पर्यावरण प्रबंधन में पीएचडी. किया है। उन्होंने पहले सरकार के ग्रामीण विकास संस्थान में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम किया था। भारत में विभिन्न संगठनों और उद्योगों में अनुसंधान और परामर्शदाता के रूप में डॉ0 गिरि के पास 22 वर्षों का तथा शिक्षण का 18 वर्षों का अनुभव है।

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