विदेश में अध्‍ययन कार्यक्रम 2018-19 – आईईएसईजी स्‍कूल ऑफ़ मेनिज्‍मेंट, पेरिस

स्‍नातकोत्‍तर कार्यक्रम के छात्रों ने पेरिस के आईईएसईजी स्‍कूल ऑफ़ मेनिज्‍मेंट में ‘’यूरोप में व्‍यापार करना’’ शीर्षक पाठ्यक्रम किया । 27 दिसम्‍बर 2018 को आरंभ होने वाली इस पाठ्यक्रम में अंतर सांस्‍कृतिक प्रबंधन, यूरोपीय वित्‍तीय विपणन, रणनीति एवं नवाचार, लग्‍ज़री प्रबंधन और फ़ैशन कॅम्‍युनिकेशन जैसे विभिन्‍न विषय शामिल थे ।

Picture with the program director - Kim
Course on Fashion Communication

पीजीपी18 के 16 छात्रों के समूह को निम्‍न भी देखने का अवसर मिला

             • La Caverne – पेरिस में पहला जैविक भूमिगत खेज जो एक शोषित क्षेत्र में 300 सामाजिक आवासीय इकाइयों की भवन में स्थित है 
             • Cécile et Jeanne – एक फ़ैशन ज्‍वेलरी स्‍टोर, जिसकी स्‍थापना ज्‍वाना और उसकी भाई ऐली द्वारा 1990 में की गई थी, जहाँ छात्र शिल्‍पकारों को सीधा काम करते हुए देखते है ।
             • Galeries Lafayate – व्‍यवसाय दौरा के हिस्‍से के रूप में एक अपमार्केट फ़्रेंच स्‍टोर चेन का दौरा किया,जो कि सभी बड़े ब्रांड्स् का बाज़ार था ।  

छात्रों ने एक प्रमुख व्‍यापार का जिला, लि डिफेंस में स्थित, दोनों परिसरों में व्‍याख्‍यान में भाग लिया, जिसमें से एक Grande Arche की 27वीं मंजिल में स्थित आधुनिक परिसर है । प्राध्‍यापकों ने अपनी प्रबंधन विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए छात्रों के साथ विचार विमर्श के साथ-साथ वहाँ उनकी रहने को सहज बनाने के लिए कक्षा के बाहर मार्गदर्शन किया । छात्रों के ठहरने और व्‍यावसायिक यात्राओं के लिए स्‍थानीय परिवहन के संबंध में सभी व्‍यवस्‍थाओं का ध्‍यान संस्‍थान द्वारा रखा गया ।

प्रो. जैकब वक्‍कायिल, अकाद्मिक निदेशक-इंटरनेशनल एमबीए, आईईएसईजी स्‍कूल ऑफ़ मेनिज्‍मेंट ने भाप्रबंसं शिलाँग के छात्रों की मेज़बानी करने में प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की और उन्‍होंने भविष्‍य के बैचों को लाभान्वित करने के लिए हर साल पाठ्यक्रम संरचना को तैयार करने का वादा किया, जो दोनों संस्‍थानों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा ।

शिक्षाशास्‍त्र में उन फ़्रांसीसी कंपनियों से संबंधित केस-आधारित चर्चाएँ शामिल थीं जो कि भारत में विद्यमान थी । प्रमुख बिंदु में • यूरोपीय संस्‍कृति और व्‍यापार की पेजीदगियों को समझना शामिल हैं।
         • फ़ैशन उद्योग और लग्‍ज़री ब्रांड बाज़ार के बारे में अधिक सीखना
एशिया के साथ यूरोपीय व्‍यापार बाज़ार और व्‍यापार के इतिहास को समझना
कंपनियों द्वारा ब्रेक्सिट से पहले और बाद की अपनाई गई रणनीतियों के बारे में बोध प्राप्‍त करना

‘’कुल मिलाकर यह एक शानदार कार्यक्रम था जिसमें शैक्षणिक रूप से सीखने के साथ-साथ यात्रा और मौज-मस्‍ती का सही संतुलन था । हमें नए और अनूठे विषयों को सीखने का अवसर प्रदान किया गया, जिसमें हमें अपने पेशेवर करियर में लंबे समय तक मदद मिलेगी । हमें यह उल्‍लेखनीय शिक्षण मंच्‍ प्रदान करने के लिए भाप्रबंसं शिलाँग के आभारी है,‘’ एक छात्र ने कहा ।

11 जनवरी 2019 को पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक समाप्‍त होने के बाद छात्र भारत लौट आए ।