सामाजिक रूप से जागरूकता

दो वर्षीय पूर्णकालिक आवासीय प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा (पीजीडीएम) कार्यक्रम को व्यापार और प्रबंधन समस्याओं को सुलझाने की दिशा में एक समग्र दृष्टिकोण बनाने में मदद करने के लिए डिजाईन किया गया है। कार्यक्रम के प्रतिभागियों से विश्लेषणात्मक और रचनात्मक चिंतन क्षमताओं को विकसित करने और एक गतिशील और अभिनव वैश्विक वातावरण में प्रबंध करने और नेतृत्व करने के लिए नेतृत्व कौशल के निर्माण करने की अपेक्षा है। पाठ्यचर्या कॉर्पोरेट और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में कैरियर का एक स्‍पष्‍ट पथ प्रदान करता है। संकाय सदस्यों और उद्योग विशेषज्ञों से सीखने के अलावा, प्रतिभागियों को प्रत्येक दिन काम करना और प्रतिभाशाली सहपाठियों के साथ सहयोग करना होता है जिन्‍हें कई विषयों और पृष्ठभूमि लाया लाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिंतन का विकास और आर्थिक और पारिस्थितिक रूप से सतत समाज के लिए विचार करने वाले लीडरों का निर्माण करना है।

समृद्ध अंतःविषयक पाठ्यचर्या

पीजीडीएम पाठ्यचर्या में मुख्य और वैकल्पिक पाठ्यक्रम विभिन्न कार्यात्मक और पार-कार्यात्मक क्षेत्रों के साथ मिश्रित होते हैं। संस्थान एक रचनात्‍मक अध्‍यापन-कला का ज्ञानार्जन और प्रतिभागी अभिमुखी क्रिया-पद्धति मामले के जरिए एक व्यक्ति के चहुमुँखी विकास के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करता है। इसमें भारत और विदेशों के उद्योग विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित शिक्षाविदों द्वारा तैयार किए गए कई सेमिनार और एक कैपस्टोन पाठ्यक्रम शामिल हैं। संस्थान नियमित रूप से कारोबारी माहौल में बढ़त के बदलाव और बड़े पैमाने पर समाज की आवश्यकताओं को प्रदर्शित करने के लिए अपने पाठ्यचर्या को अद्यतन करता है।

सहयोगी और अंतःविषयक ज्ञानार्जन

संस्थान इन-हाउस संकाय सदस्यों और उसी स्‍तर के समान संगठनों के साथ सहयोगी शोध के माध्यम से उद्योग के लिए प्रासंगिक शोध कार्यकलापों में सक्रिय रूप से भाग लेता है। वर्तमान शोध के सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक क्षेत्रीय विकास और प्राकृतिक वातावरण पर व्यापार गतिविधियों के प्रभाव से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना है। संस्थान आर्थिक, सामाजिक और पारिस्थितिक रूप से सतत प्रबंधन प्रणालियों में सक्रियता के साथ शोध पर अपना योगदान देता है। समुदाय द्वारा सामना किए गए मुद्दों को समझने के लिए, स्थानीय-क्षेत्र और सामुदायिक गतिविधियों में उद्योग और अकादेमिया के अलावा, सहभागिता करने के लिए प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया जाता है, और सूचना के आदान-प्रदान की सुविधा तथा ज्ञानार्जन की सुविधा प्रदान करने के लिए भी उन्‍हें प्रोत्साहित किया जाता है। सहयोगी और अंतःविषयक ज्ञानार्जन पर बल देते हुए पाठ्यचर्या आत्म-प्रतिबिंब तथा खेलों में अतिरिक्त पाठयक्रम गतिविधियों, साहित्य और ललित कलाओं के जरिए प्रतिभागियों के चहुँमुखी विकास को प्रोत्‍साहित करता है।

अध्‍यापन शास्त्र

संस्थान शिक्षाशास्‍त्र के रूप में क्‍लासरूम शिक्षण, मामले का विश्लेषण, सिमुलेशन, मॉडलिंग, परिदृश्य निर्माण, उद्योग विश्लेषण आदि के विवेकशील शैक्षणिक मिश्रण का पालन करता है। सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी, उभरते प्रबंधकों को सफलतापूर्वक विभिन्न और जटिल व्यावसायिक समस्याओं को संभालने के लिए ज्ञान, रवैया, कौशल और मानसिकता बनाने पर ध्‍यान रखता है।

नेटवर्क को सक्षम बनाना

भाप्रबंसं शिलाँग अलूम उद्योग अंतर्वार्ताओं और फील्‍ड दौरों तथा अन्य सहयोगी गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम के प्रतिभागियों के साथ सक्रिय रूप से संलग्न है जो उन्हें काम की दुनिया में खड़ा करता है।

उद्योग संयोजन

क्‍लासरूम और अनुभवात्मक शिक्षण के अलावा, भाप्रबंसं शिलाँग का मानना है कि एक व्यापक ज्ञानार्जन प्रक्रिया में उन लोगों के साथ पारस्परिक अंतर्वार्ता के जरिए जुड़ना चाहिए जो कॉर्पोरेट्स, बिजनेसों और सामाजिक संगठनों की सफलता के पीछे हैं। क्लासरूम का ज्ञानार्जन और इन लोगों के अनुभव से सीखना एक दूसरे के परिपूरक हैं।

प्रभाव सृजन

भाप्रबंसं शिलाँग का लक्ष्य है कि क्‍लासरूम शिक्षण, फील्‍ड अध्ययन और उद्योग के एक्सपोजर के साथ-साथ ज्ञानार्जन की पद्धति का मिश्रण प्रदान करके 'स्थानीय अनुभव के साथ वैश्विक दृष्टिकोण' रखनेवाले व्यक्तियों का निर्माण करना। दो वर्षीय पूर्णकालिक स्नातकोत्तर कार्यक्रम पूरी तरह आवासीय है। पीजीपी कार्यक्रम की संरचना का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को समय-परीक्षि‍त प्रबंधन सिद्धांतों के साथ-साथ मौजूदा सर्वोत्तम अभ्‍यासों को सीखने और समझने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करना है। यह निरंतर आधार पर उद्योग के साथ सक्रिय बातचीत के माध्यम से अगली पीढ़ी की अभ्‍यासों को विकसित करने के लिए एक एक्‍सपोजर प्रदान करता है।

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