ख्‍लोरथ्‍मा 2018

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भाप्रबंसं शिलाँग का वार्षिक प्रबंधन उत्‍सव ख्‍लोरथ्‍मा-स्‍थानीय भाषा खासी में जिसका अर्थ है ‘’सितारों की जंग’’ और ‘’उपलब्धि के लिए प्रतिस्‍पर्धा’’ के अपने विषय को सच करते हुए प्रबंधन के विभिन्‍न क्षेत्रों में वास्‍तविक व्‍यापार समस्‍याओं के समाधान के लिए यह प्रतिभागियों की व्‍यापार कौशल और योग्‍यता को परखते हैं । इस घटना को महत्‍व देने के लिए वृक्षारोपण अभियान के आयोजन के साथ, ख्‍लोरथ्‍मा ’18 समारोह का उद्घाटन निदेशक की उपस्थिति में किया गया । प्रतियोगिताओं ने छात्रों की आविष्‍कारशीलता, सरलता और व्‍यावसायिक बुद्धिमत्‍ता को चुनौती दी । दो दिनों में, परामर्श, विपणन, वित्‍त, मा.सं., संचालन, वाद-विवाद और सार्वजनिक भाषण के क्षेत्र में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में 200+ कॉलेज की प्रविष्टियाँ और शीर्ष भाप्रबंसं(नों) से व्‍यापक भागीदारी देखी गई ।

इकोबिज़ क्‍लब ने ‘’सुपरनोवा-लेट द ब्राइटेस्‍ट माइण्‍ड्ज़ कोलाइड’’ का आयोजन किया और भावी अग्रणियों को लोगों के जीवन में भिन्‍नता लाने में अपने एमबीए कौशल का उपयोग करने का अवसर दिया । इस वर्ष केस अध्‍ययन-इम्‍प्रूविंग फ़ाउन्‍डेशनल आउटकम्‍स् – ने छात्रों को भारत में शिक्षा की वर्तमान स्थिति में सुधार के लिए विश्‍लेषण और समाधान प्रदान करने के लिए आमंत्रित किया । भाप्रबंसं शिलाँग, वेलिंगकर इंस्‍टीट्यूट ऑफ़ मेनिज्‍मेंट और भाप्रबंसं बोधगया के छात्र वास्‍तविक जीवन की चुनौतियों, जो भारत के विकास में बाधा है; का समाधान करने के लिए गहन विश्‍लेषण और नवीन अंतर्दृष्टि के साथ आए ।

ऑपरेशन क्‍लब ऑप्-इरा, में अपने प्रमुख कार्यक्रम ‘श्रृंखला’ के माध्‍यम से अत्‍यधिक प्रतिस्‍पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र में संचालन के अनुकूलन के लिए विचारों के साथ अपनी बुद्धिमत्‍ता को प्रज्‍वलित करते हुए पाँच कॉलेजों से आठ टीमों को देखा गया । केस में उन्‍हें कई कारकों जैसे, अपफ़्रंट फ्रेंचाइज़ी शुल्‍क, कर्मचारियों को प्रशिक्षण, रसोई का व्‍यवस्थित मानकीकरण, उपयोग किए गए उपकरण, आदि को तोलकर एवं विश्‍लेषण के द्वारा पैन इंडिया की ओर ले जाने के लिए न्‍यूट्रीमील फ़ूड सोल्‍युशन्‍ज़ की सहायता करने की आवश्‍यकता थी । टीमों को निर्णायक पैनलिस्‍टों द्वारा आंका गया जिसमें रोहित जोशी और प्रोफ़ेसर अरिंदम मुखोपाध्‍याय शामिल थे ।

‘’कोरोना’’, कॉन्‍क्‍वेस्‍ट – परमर्श क्‍लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम, एक केस अध्‍ययन के माध्‍यम से भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में आधार कार्ड के एकीकरण और प्रभाव को समझने और विश्‍लेषण करने के बारे में था । पहले राउंड में चुने गए छात्रों ने अंत:क्रिया प्रश्‍नोत्‍तर सत्र में अपने केसों को निर्णायकों और अन्‍य प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्‍तुत किया । प्रतियोगिता के विजेता भाप्रबंसं शिलाँग एवं भाप्रौसं खड़गपुर – विनोद गुप्‍ता स्‍कूल ऑफ़ मेनिज्‍मेंट की टीमें थीं ।

निवेशक अर्थ को सार्थक करते हुए, भाप्रंसं शिलाँग के वित्‍त क्‍लब ने ‘’डेलफ़िनस’’ का आयोजन किया, एक मॉक स्‍टॉक कार्यक्रम जहाँ निवेश के उत्‍साही युवाओं ने अपने पोर्टफ़ोलियो के मूल्‍य को बढ़ाने के प्रयास में एक शानदार ट्रेडिंग राउंड में भाग लिया । चालीस मिनट का उत्‍साहक क्रिया एक अनुकरण राउंड था जहाँ टीमों को अपने पोर्टफ़ोलियो के मूल्‍य को बढ़ाने के लिए स्‍टॉक खरीदने और बेचने के लिए अपने उत्‍तम निर्णय का उपयोग करना था ।

usHR, एचआर क्‍लब की प्रतियोगता ‘’एन्‍थ्रॉल’’ में टीमों को हाल के #MeToo आंदोलन पर आधारित केस स्‍टडी में अपने समाधान प्रस्‍तुत करते देखा गया । समाधान की श्रृंखला कार्यस्‍थल की नीतियों को मजबूत करने और अत्‍मरक्षा ऐप के आरंभ से हुई ।

मार्कथॉन, विपणन क्‍लब द्वारा आयोजित ‘’टचस्‍टोन’’, में एमआईसीए, बीआईएम त्रिचि और भाप्रबंसं शिलाँग की प्रतिभागिता देखी गई जहाँ उन्‍होंने सम्‍मानित निर्णायकों के पैनल को स्‍वास्‍थ्‍य बिस्‍कुट के लिए एक बाजार विकसित करने के बारे में अपने विचार व्‍यक्‍त किए । टीमों ने लक्षित बाज़ार, मूल्‍य निर्धारण, वितरण, प्रतिस्‍पर्धा, पैकेजि़ंग और ब्रांड समर्थन में समस्‍याओं को संबोधित किया ।

भाप्रबंसं शिलाँग की सिस्‍टम क्‍लब बाइटसिस द्वारा आयोजित जीवंत बोली लगाने की कार्यक्रम “JustBidIT” में दिल्‍ली स्‍कूल ऑफ़ मेनिज्‍मेंट और सिम्‍बायोसिस इंस्‍टीट्यूट ऑफ़ इंटरनेशनल बिज़नेस जैसी कॉलेजों से भागीदारी देखी गई । यह आयोजन हथियारों की बोली लगाने और विरोधियों पर धावा बोलने की योजना के लिए रणनीति तैयार करने के बारे में था । बहुत रोमांचक और विचित्र रणनीति से प्रतियोगिता समाप्‍त किया गया ।

भाप्रबंसं शिलाँग के प्रश्‍नोत्‍तरी, साहित्यिक और क्रियाकलाप क्‍लब, ज़ैत्जिस्‍ट ने ‘’कू-ले-ग्रेस – द ग्रेट इंडियन डिबेट’’ का आयोजन किया, जिसमें प्रतिभागियों की काबिलियत और उनकी सोचने की क्षमता को 2 चुनौतीपूर्ण और मज़ेदार राउंड में परीक्षण किया गया ।

“Speakerazzi”, टोस्‍टमास्‍टर्स क्‍लब के प्रमुख कार्यक्रम में पाँच टीमों को संयुक्‍त राष्‍ट्र की तर्ज पर बनाए गए राउंड टेबल कॉन्‍फ़्रेंस में जूझते देखे गए । टीमों ने विभिन्‍न देशों का प्रतिनिधित्‍व किया और हमारी पीढ़‍ि के सबसे महत्‍वपूर्ण मुद्दों में से दो पर विचार अभिव्‍यक्‍त किए – जलवायु परिवर्तन और शरणार्थी संकट । यह एक विचारोत्‍तेजक चर्चा थी जिसने इन मुद्दों की बहुआयामी प्रकृति और अंतर्राष्‍ट्रीय राजनीति पर उनके सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव पर प्रकाश डाला ।